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जयपुर अग्निकांड मामले में जिला कलेक्टर ने गठित की जांच कमेटी

जयपुर अग्निकांड मामले में जिला कलेक्टर ने गठित की जांच कमेटी, 6 अधिकारियों को किया शामिल
जयपुर : जयपुर के भांकरोटा में हुए अग्निकांड मामले में जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने एक जांच कमेटी का गठन किया है. इस जांच कमेटी में अलग-अलग विभागों के छह अधिकारियों को शामिल किया गया है. जांच कमेटी के लिए जितेंद्र कुमार सोनी ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया. जिला कलेक्टर ने बताया कि जयपुर के भांकरोटा में हुए एलपीजी टैंकर और ट्रक के बीच हादसे के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए थे. इसी आदेश के क्रम में इस जांच कमेटी गठन किया गया है.
जांच कमेटी में ये अधिकारी शामिल

अतिरिक्त जिला कलेक्टर, द्वितीय जयपुर

प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, जयपुर प्रथम (सदस्य सचिव)

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, पश्चिम जयपुर

अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग जयपुर

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय

परियोजना निर्देशक, एनएचएआई जयपुर

कलेक्टर ने बताया कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुझाव भी कमेटी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी. जांच रिपोर्ट राज्य सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की ईमेल आई डी addl.rd.tdr@rajasthan.gov.in पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि जयपुर के भांकरोटा में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा देखने को मिला. इस हादसे में एलपीजी टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे भीषण अग्निकांड हो गया. इस हादसे में अब तक 11 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
पुलिस ने 37 गाड़ियों के जलने की पुष्टि की : भांकरोटा अग्निकांड में पुलिस ने 37 गाड़ियों के जलने की पुष्टि की. इसमें 6 बड़े ट्रक, एक छोटा ट्रक, 5 ट्रेलर, 2 बस, 5 कंटेनर, कई कारें, ऑटो, बाइक सहित अन्य वाहन शामिल हैं. पुलिस ने गाड़ियों के नंबरों के साथ मॉडल की भी जानकारी साझा की है. सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.

अजमेर रोड़ हादसा सरकार और प्रशासन की नाकामियों का हादसा

शुक्रवार को अल सुबह जो हादसा घटित हुआ यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, दिवंगत और घायलों के प्रति संवेदना प्रकट करते है। किंतु इस विषय चर्चा भी होनी चाहिए कि क्यों यह हादसा घटित हुआ, गैस टैंकर में अपने आप आग नहीं लगी बल्कि टैंकर के यू टर्न लेने के दौरान एक ट्रक से टक्कर होने के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। विगत कुछ वर्षों से जयपुर – अजमेर हाइवे बहुत ही दयनीय स्थिति के दौर से गुजर रहा है लगातार हो रहे फ्लाई ओवर निर्माण ऐसे हादसों को जन्म दे रहे है क्योंकि नव निर्माण के साथ साथ इस रोड़ टूटी सड़के और अव्यवस्था सरकार और प्रशासन की नाकामियों का हादसा है। में खुद भांकरोटा रहता हूं प्रतिदिन देखता हूं यह लंबे लंबे जाम कभी भी किसी भी वक्त लग जाते है, जहां यह हादसा हुआ है वह भांकरोटा से लगभग 1 किमी दूर है और महापुरा से पहले पड़ता है जहां से आगरा की ओर जाने के लिए रिंग रोड़ बनी हुई किंतु दिल्ली की ओर जाने वाली रोड़ पर घोषणा के बावजूद 7 सालों से निर्माण ही नहीं हुआ है। अजमेर की तरफ से आने वाले सभी बड़े वाहन इसी कट से आगरा रोड़ जाने के लिए रिंग रोड़ पर चढ़ने के लिए यू टर्न लेते है जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते है क्योंकि वह हादसे छोटे होते है इसलिए चर्चा नहीं होती आज जब टक्कर लगने से ब्लास्ट हुआ कड़ी संख्या में लोगों को लापरवाही का शिकार होकर जान गवानी पड़ी और उससे कही अधिक संख्या में घायल हो गए तो यह सबकी नजर में आ गई, मीडिया ने भी अनेकों बार इस सड़क को लेकर खबर प्रकाशित की गंभीर से गंभीर सवाल सरकार और प्रशासन से पूछे उसके बावजूद किसी के भी कानों पर जू तक नहीं रेंगी। आज जब इतना बड़ा हादसा घटा है तो आशा करते है जिम्मेदार लोग अपनी नींद के आगोश से जागेंगे और जनता को व्यवस्था प्रदान करेंगे।

अभिषेक जैन बिट्टू
प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ राजस्थान

11 लोग जिंदा जले, 45 झुलसे, 37 गाड़ियों का सिर्फ लोहा बचा

जयपुर: शुक्रवार 20 दिसंबर की सुबह जब ज्यादातर लोग नींद की आगोश में थे, तब जयपुर-अजमेर हाईवे पर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसे भूलना सालों तक संभव नहीं होगा. जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा के पास एलपीजी टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मार दी. जिसके बाद भयानक आग भड़की. इस आग ने ऐसा विकराल रूप पकड़ा कि इसकी जद में आकर 11 लोग जिंदा जल गए. 45 लोग बुरी तरह से झुलस गए, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. छोटी-बड़ी 37 गाड़ियां जल गई. गाड़ियां जली भी इस कदर कि उनका सिर्फ लोहे का ढांचा बचा.

सुबह 5.41 मिनट पर भांकरोटा के पास हुआ हादसा:

दरअसल शुक्रवार सुबह करीब 5 बजकर 41 मिनट पर जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा के पास एक ट्रक ने यू-टर्न ले रहे एलपीजी टैंकर को टक्कर मार दी, जिससे लगी आग ने 37 से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया. अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और लगभग 45 अन्‍य लोग झुलस गए.

एसएमएस हॉस्पिटल के प्राचार्य ने बताया- 11 लोगों की मौत हुई:

सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से दस की मौत एसएमएस अस्पताल में और एक की मौत अन्य अस्पताल में हुई. हादसे में झुलसे व घायल लगभग 45 लोग अभी भर्ती हैं, जिनमें से कुछ वेंटिलेटर पर हैं. ऐसे में इस हादसे में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. एसएमएस हॉस्पटिल की ओर से जारी की गई जयपुर-अजमेर अग्निकांड के मृतकों की सूची.
एसएमएस हॉस्पटिल की ओर से जारी की गई जयपुर-अजमेर अग्निकांड के मृतकों की सूची.

पीएम मोदी ने सीएम भजनलाल से की बात, 2-2 लाख की अनुग्रह राशि का ऐलान:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हादसे पर शोक जताया. मोदी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से फोन पर बात कर हादसे की जानकारी ली और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

मौके पर पहुंचे सीएम, 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान, जांच के निर्देश:

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हादसे के बारे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात कर जानकारी ली. मुख्‍यमंत्री शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम घटनास्‍थल पहुंचे. मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच करवाई जाएगी और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है. उन्‍होंने राज्‍य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

एलपीजी टैंकर को ट्रक ने मारी टक्कर, इससे भड़की आग:

अधिकारियों ने बताया कि हादसा तड़के करीब पौने छह बजे हुआ. शुरुआती जानकारी के अनुसार, जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भांकरोटा के पास एलपीजी टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसके बाद आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां से गुजर रही बस सहित अनेक ट्रक, कार आग की चपेट में आ गए.

हाईवे का बड़ा हिस्सा बना आग का गोला:

घटना से जुड़े एक वीडियो में लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए और शुरुआत में स्थानीय लोगों ने उन्‍हें अस्‍पताल पहुंचाया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से नजर आ रही थीं और राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा ‘आग के गोले’ में तब्दील हो गया था. अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में कम से कम 35 वाहनों के जलने की सूचना है, जिनमें 29 ट्रक तथा दो बस सहित अन्य गाड़ियां शामिल हैं. मृतकों में से एक ट्रक चालक के शव को इस तरह से पोटली में डाल कर SMS अस्पताल ले जाया गया.
मृतकों में से एक ट्रक चालक के शव के अवशेष को इस तरह से पोटली में डाल कर SMS अस्पताल ले जाया गया.

आग इतनी विकराल कि कई लोग वाहनों से निकल भी नहीं पाए:

पुलिस के अनुसार, आशंका है कि संभवत: अचानक आग की चपेट में आने से कुछ लोग अपने वाहनों से बाहर नहीं निकल पाए और उनके अंदर ही झुलस गए. पुलिस के मुताबिक, सभी वाहनों की गहन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि घायलों में से करीब आधे लोगों की हालत ‘बेहद गंभीर’ है.

हॉस्पिटल भी पहुंचे सीएम, डॉक्टरों को दिए निर्देश:

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री खींवसर एसएमएस अस्पताल पहुंचे, जहां झुलसे हुए लोगों को भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों व चिकित्सकों से बात की और उचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों से भी बात की.

सीएम बोले- दर्दनाक घटना, ऐसे हादसे फिर नहीं हो इसपर करेंगे विचार:

घटनास्‍थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बहुत ही दर्दनाक घटना है. मैं अस्पताल जाकर आया हूं. मैंने वहां उचित व्‍यवस्‍थाएं करने के निर्देश दिए हैं. हम घटना की विस्तृत जांच करवाएंगे. घायलों के इलाज की व्यवस्था करेंगे.” उन्‍होंने कहा, ‘‘ऐसे हादसों को किस तरह से रोका जाए इस पर भी सरकार निश्चित रूप से विचार करेगी. प्रशासन पूरी तरह से बचाव कार्य में लगा हुआ है.” इस दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, जिलाधिकारी जितेंद्र सोनी तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे. शर्मा ने बाद में राज्‍य सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को पांच लाख रुपये तथा घायलों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की.

पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए अनुग्रह राशि की घोषणा की:

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर कहा गया, ‘‘स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है. प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायल को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.” अधिकारिक सूत्रों के अनुसार मोदी ने हादसे के बारे में मुख्यमंत्री शर्मा से बात भी की.

अमित शाह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित अन्य ने जताया शोक:

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘इस (हादसे के) संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात हुई. स्थानीय प्रशासन घायलों को तुरंत उपचार प्रदान करने का काम कर रहा है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जयपुर में सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु प्रार्थना करती हूं. उनके परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं! मेरी प्रार्थना है कि घायल हुए लोग शीघ्र ही स्वस्थ हों.” स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री खींवसर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्थिति को संभालने के लिए सभी चिकित्सकों, रेजिडेंट चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को बुलाया गया. मरीजों के उपचार के लिए एक और वार्ड खोला गया है. कुछ लोगों को नजदीकी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार दिया गया है.”

घायलों को हॉस्पिटल लाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर:

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दुर्घटना स्थल से एसएमएस अस्पताल तक ‘‘ग्रीन कॉरिडोर” बनाया गया है. एक अधिकारी ने बताया, ‘‘राजसमंद से जयपुर आ रही एक निजी स्लीपर बस दुर्घटना के समय गैस टैंकर के पीछे थी. बस में सवार यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं. जले हुए वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाया जा रहा है ताकि यातायात बहाल हो सके.”

पुलिस कमिश्नर बोले- टक्कर के बाद टैंकर का नोजल टूटा फिर लीक हुई गैस:

जयपुर के पुलिस आयुक्‍त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया, ‘‘एलपीजी टैंकर से एक ट्रक टकरा गया. इससे टैंकर के पीछे का नोजल टूट गई और गैस लीक हो गई, जिससे भीषण आग लग गई.” उन्होंने कहा, ‘‘टैंकर के पीछे के वाहनों में आग लग गई. दूसरे ओर से आ रहे अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आ गए. अचानक हुई घटना के कारण वाहन आपस में टकरा गए.” जोसेफ ने कहा, ‘‘गैस लीक होने के कारण इलाका ‘‘गैस चैंबर” जैसा बन गया. आग बहुत तेजी से फैल गई, जिससे वाहनों के अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला.”

घायलों को लाने में लगे 25 से अधिक एंबुलेंस:

भांकरोटा थाना के प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में आग पर काबू पाना मुश्किल था. उन्होंने बताया, ‘‘शुरू में दमकल की टीम जल रहे वाहनों तक नहीं पहुंच पाईं. इलाके में तीन पेट्रोल पंप हैं, लेकिन राहत की बात है कि उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है.” गुप्ता ने बताया कि यह घटना एक निजी स्कूल के सामने की है और पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 25 से अधिक एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया.

फॉरेंसिक और परिवहन विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची:

अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘प्राथमिक सूचना पर मानसरोवर दमकल केंद्र से कुछ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन बाद में अन्य केंद्रों से भी पानी की गाड़ियां भेजी गईं.” क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की एक टीम भी घटना की जांच करने के लिए मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं.

हाईवे का 300 मीटर का हिस्सा हुआ प्रभावित:

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पाइप बनाने वाली एक फैक्टरी भी तबाह हो गई और पाइप पिघल गए हैं. हादसे में राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई. एक स्कूल वैन चालक ने बताया कि आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं और वहां अफरातफरी मची हुई थी. पीड़ितों के परिजनों की मदद के लिए जिला प्रशासन की एक टीम अस्पताल में मौजूद है. जयपुर पुलिस ने दुर्घटना में घायलों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

न्यूईयर पर नहीं फोड़ पाएंगे पटाखे

न्यू ईयर पर नहीं फोड़ पाएंगे पटाखे, एक साल के लिए लगा बैन; उल्लंघन किया तो खैर नहीं

दिल्ली सरकार ने पटाखों पर साल भर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब दिल्ली में पटाखे बनाना भंडार करना बेचना और जलाना गैरकानूनी होगा।

आग का ऐसा तांडव कि पल भर में खाक हो गई जिंदगियां

जयपुरः घर जल्दी आ जाना…! शायद परिजनों ने यही कहा होगा, भांकरोटा अग्निकांड के पीड़ित जब घर से निकले थे, लेकिन अब सिर्फ यादें रह गई. मौत का ऐसा मंजर कि अंतिम दर्शन भी नहीं होंगे. सचमुच नियती का ये कैसा दर्द. आज सुबह कई सांसे छीन ली. आग का ऐसा तांडव कि पल भर में जिंदगियां खाक हो गई. मंजर देख मौके पर मौजूद लोगों के भी आंसू नहीं रुके

अस्पताल पहुंचे शवों में से कुछ की आई सिर्फ हड्डियां:
आज इन तस्वीरों ने याद दिला दिया देश का सबसे बड़ा आईओसी अग्निकांड. आज सुबह जयपुर के भांकरोटा में एक एलपीजी और एक सीएनजी गैस टैंकरों में भिडंत हो गई. जिसके बाद CNG टैंकर में गैस लीक होने के बाद विस्फोट हुआ, जिसके कारण आसपास के क्षेत्र में एक तेज़ आग ने विकराल रूप ले लिया. आग की चपेट में आकर एक पाइप फैक्ट्री और पेट्रोल पंप भी जलकर राख हो गए. कई दमकलों ने आग पर काबू पाने के लिए मेहनत की, और सुरक्षा कारणों से अजमेर-जयपुर हाईवे को डायवर्ट किया गया है.
अब तक कुल 8 लोगों की मौत:
आपको बता दें कि जयपुर के भांकरोटा अग्निकांड में झुलसे लोगों में से SMS अस्पताल में एक और मरीज ने दम तोड़ा दिया है. अस्पताल में अब तक कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है. अस्पताल में कुल पांच मृतकों के शव लाए जा चुके है. एक शव तो ऐसा, जिसमें सिर्फ कुछ जले हुए अंगों को ही लाया गया है. इसके अलावा 3 मरीजों का अस्पताल में उपचार के दौरान दम टूट गया. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक 38 के आसपास मरीजों का इलाज चल रहा है. इन घायलों में 20 से अधिक मरीज 50 प्रतिशत से अधिक झुलसे हुए हैं. इन सभी मरीजों की हालात गंभीर बताई जा रही है.
हादसे में प्रभावित वाहन:
करीब 30 से 40 वाहन आग की चपेट में आए, जिनमें 19 ट्रक, 2 यात्री बसें, 2 गैस टैंकर, 3 कारें और दो पिकअप वाहन शामिल हैं. आग में झुलसे हुए लोगों में कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. मौके पर चार लोगों की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे एक और व्यक्ति की मौत SMS अस्पताल में इलाज के दौरान हुई.
घायल और मृतकों की जानकारी:
SMS अस्पताल में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 38 लोगों का बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक है. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली.
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
पुलिस ने इस हादसे के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर लोग जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. हेल्पलाइन नंबर:
9166347551
8764688431
7300363636

अनशन तोड़ने को तैयार नहीं डल्लेवाल

किसान आंदोलन : अनशन तोड़ने को तैयार नहीं डल्लेवाल, गृह मंत्रालय के निदेशक ने ली मांगों की लिस्ट।

किसान आंदोलन : 20 दिन से लगातार आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। रविवार को गृह मंत्रालय के निदेशक मयंक मित्रा डल्लेवाल से मिलने खनौरी बॉर्डर पहुंचे थे। वहीं पजाब के डीजीपी गौरव यादव ने भी डल्लेवाल से मुलाकात की
डल्लेवाल से मिलने पहुंचे गृह मंत्रालय के निदेशक मयंक मिश्रा
हरियाणा-पंजाब की सीमा पर खनौरी और शंभू बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। खनौरी बॉर्डर पर पिछले 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। वहीं शंभू बॉर्डर पर किसान दिल्ली कूच की तीन बार कोशिश कर चुके हैं।

लेकिन हरियाणा पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है। 
खनौरी बॉर्डर पर रविवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलने के लिए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और गृह मंत्रालय के डायरेक्टर मयंक मिश्रा पहुंचे थे। उन्होंने डल्लेवाल से बातचीत की और उनका हाल जाना। वहीं किसानों की मांगों की सूची ली है और हम सर्वोच्च न्यायलय के आदेशों का पालन कर रहे हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश डल्लेवाल तक पहुंचाया है। सीएम को उनकी चिंता हो रही है और डल्लेवाल का जीवन किमती है। 

नेशन वन इलेक्शन बिल होगा लोकसभा में पेश

नई दिल्ली: वन नेशन वन इलेक्शन से जुड़ा विधेयक मंगलवार यानी आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इसे सदन में पेश करेंगे। यह संविधान का 129वां विधेयक है। केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाना है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है और संसद में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। सरकार बिल को पेश करने के बाद में इसे जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजने की सिफारिश करेगी।

अब विधेयक पर विस्तार से बात करें तो देश में लोकसभा और विधानसभा के इलेक्शन एक साथ में ही कराने पर केंद्र सरकार का फोकस है। अर्जुन राम मेंघवाल संविधान संशोधन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश करेंगे। संविधान के संशोधन विधेयक में लोकसभा और विधानसभा के चुनावों को एक साथ कराने का प्रावधान है। वहीं दूसरे में दिल्ली और अन्य केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं के लिए समान संशोधन करने के लिए है। वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक को केंद्रीय कानून मंत्री के द्वारा पेश किए जाने के बाद वह लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला से इसे जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजने का आग्रह करेंगे।

वन नेशन वन इलेक्शन बिल पर चर्चा के लिए सबसे पहले तो जेपीसी का गठन किया जाएगा। जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन अलग-अलग सियासी दलों के सांसदों की संख्या के आधार पर किया जाता है। भारतीय जनता इस समय सबसे बड़ी पार्टी है तो ऐसा माना जा रहा है कि कमेटी की अध्यक्षता भी वही करेगी। जेपीसी सभी सियासी दलों की राय लेगी और गहन चर्चा भी करेगी। इस बिल पर ज्यादा से ज्यादा दलों की सहमति बनाने की भी कोशिश की जाएगी। इसके बाद में कमेटी अपनी रिपोर्ट लोकसभा के स्पीकर को सौंप देगी। इतना ही नहीं जेपीसी ने इसे हरी झंडी दिखा दी तो यह विधेयक संसद में लाया जाएगा। राज्यसभा और लोकसभा से पास हो जाने के बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के साइन होने के बाद में वन नेशन वन इलेक्शन कानून बन जाएगा।

वन नेशन वन इलेक्शन की कैसे शुरू हुई कवायद:

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वन नेशन वन इलेक्शन बिल की कवायद कोई आज या कल की बात नहीं है बल्कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार पद ग्रहण किया था तो उसी वक्त से ही वन नेशन-वन इलेक्शन पर उन्होंने चर्चा की शुरुआत कर दी थी। पीएम मोदी ने इसे देश की जरूरत बताया था। उन्होंने तर्क दिया था कि बार-बार देश में इलेक्शन होने से देश के विकास पर गहरा असर पड़ता है। साल 2015 में लॉ कमीशन ने भी सुझाव दिया था कि वन नेशन वन इलेक्शन से काफी पैसों की बचत हो सकती है।साल 2019 में पीएन नरेंद्र मोदी सत्ता पर काबिज हुए। उन्होंने सभी सियासी दलों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पहली बार मीटिंग बुलाई। लेकिन कुछ भी नतीजा नहीं निकल पाया था। साल 2024 में फिर से लोकसभा इलेक्शन होने वाले थे। इससे पहले ही मोदी सरकार ने सितंबर 2023 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई। इसमें पूर्व राष्ट्रपति के अलावा वकील हरीश साल्वे, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत कई सदस्य शामिल थे।पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की समिति ने वन नेशन वन इलेक्शन पर 18,626 पन्नों की एक रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी। इसके बाद ही मोदी सरकार आगे बढ़ी है और इसे कैबिनेट ने पास किया है और आज यह शीतकालीन सत्र में पेश की जानी है। यही वजह है जब सरकारी चाहती है कि विधेयक को जेपीसी के पास में भेज दिया जाए ताकि बिल को पास करवाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो।

लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास कराना कितना मुश्किल होगा:

किसी सामान्य बिल को पास करवाने के लिए सामान्य बहुमत की ही जरूरत होती है। वहीं संविधान संशोधन से जुड़े बिल के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। लोकसभा में 543 सदस्यों के लिहाज से दो तिहाई का आंकड़ा 362 होता है। लेकिन इस सदन में एनडीए के 291, इंडिया अलायंस के 234 और अन्य पार्टियों के 18 सदस्य हैं। वहीं राज्यसभा में अभी कुल 231 सदस्य हैं, जिसमें दो तिहाई का आंकड़ा 154 होता है। इस सदन में 6 नामित समेत एनडीए के 118, इंडिया अलायंस के 85 और अन्य दलों के 34 सदस्य हैं

सबसे बड़ा हमला, परमाणु बम जैसा ब्लास्ट

सीरिया में तख्तापलट के बाद इजराइल लगातार सीरियाई सैन्य ठिकानों को बर्बाद कर रहा है। इसी कड़ी में इजराइली सेना ने टारटस के सैन्य ठिकाने पर भीषण बमबारी की। इस मिलिट्री बेस में भारी मात्रा में गोला-बारूद रखा हुआ था। एयरस्ट्राइक से गोला-बारूद में भयंकर विस्फोट हुआ, जो परमाणु विस्फोट की तरह दिख रहा था। धमाके की वजह से 3.1 तीव्रता वाला भूकंप तक आया।

अजमेर हाईवे पर बनी पुलिया होगी जल्द शुरू

जयपुर: जयपुर-अजमेर हाईवे स्थित कमला नेहरू पुलिया का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही इस पुलिया से वाहनों की आवाजाही शुरू होगी। ऐसे में पुलिया के आस-पास छह माह से परेशान हजारों लोगों की राह सुगम होगी। इसके अलावा भांकरोटा पुलिया का काम भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारी मार्च तक पूरा करने की बात कह रहे हैं। माना जा रहा है कि भांकरोटा पुलिया शुरू होने के बाद 200 फीट बाइपास चौराहे को सिग्नल फ्री बनाने का काम शुरू होगा। इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।

200 फीट बाइपास चौराहे पर ये है प्लान:

राजधानी के व्यस्त चौराहों में 200 फीट बाइपास चौराहा भी शामिल है। यहां दिन भर जाम के हालात रहते हैं। यहां एनएचएआइ की प्लानिंग पर गौर करें तो दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास बनाया जाएगा। हालांकि, एक फ्लाईओवर के लिए जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया को भी करना होगा। एनएचएआइ ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर केंद्र सरकार को भेज दी है। जल्द ही स्वीकृति मिलने की उमीद है।

पुलिया चालू होनेे के बाद ये मिलेंगे फायदे:

1- बड़े वाहनों की आवाजाही सीधे हो सकेगी। इसके अलावा हीरापुरा बस टर्मिनल भी शुरू हो जाएगा। इसका निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन सीधी कनेक्टिविटी न होने से बसें टर्मिनल पर नहीं आ रही हैं। शहर में बसों की आवाजाही भी बंद होगी। इससे यातायात सुगम होगा।

2-पुलिया के दोनों ओर लाखों की आबादी रहती है। ये लोग अब तक चार से पांच किलोमीटर का चक्कर लगा रहे थे। कमला नेहरू नगर और आस-पास की कई कॉलोनियों के लोग सर्विस रोड से निबार्क मंदिर रोड होते हुए धावास पुलिया से शहर में प्रवेश कर रहे हैं। इनमें से कई लोग पुलिया से सीधे 200 फीट की ओर निकल सकेंगे। यही हाल अन्य कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का भी था।

डीपीआर में ये:

1-डीसीएम से अजमेर रोड की ओर एक फ्लाईओवर बनेगा।
2-अजमेर रोड से दिल्ली रोड की ओर भी फ्लाईओवर बनाने का प्लान सुझाया है।
3-मानसरोवर मेट्रो से 200 फीट बाइपास पर चढ़ने के लिए अंडरपास बनाया जाएगा।

कमला नेहरू पुलिया का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही इसे शुरू करवाया जाएगा। भांकरोटा पुलिया का काम मार्च तक पूरा कर देंगे। इसके बाद 200 फीट बाइपास चौराहे पर काम शुरू किया जाएगा।
-अजय आर्य, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ

प्रयागराज के 7 टोल प्लाजा होंगे फ्री,

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द एंट्री के 7 टोल प्लाजा को फ्री कर देगी और यहां से गुजरने वालों से एक भी पैसा नहीं वसूला जाएगा.

यह 7 टोल बूथ अलग-अलग जिलों के हैं, जिन पर हर रोज कई हजार लोग गुजरते हैं.

प्रयागराज में एंट्री करने वाले 7 टोल बूथ अलग-अलग दिशा और जिलों में बने हैं.

इसमें वाराणसी मार्ग पर हंडिया टोल प्लाजा, लखनऊ राजमार्ग पर अंधियारी टोल प्लाजा,

चित्रकूट मार्ग पर उमापुर टोल प्लाजा, रीवा राजमार्ग पर गन्ने टोल प्लाजा, मिर्जापुर मार्ग पर मुंगेरी टोल प्लाजा,अयोध्या राजमार्ग पर मऊआइमा टोल प्लाजा टैक्स फ्री रहेगा. यहां यात्रियों से कोई भी टोल नहीं लिया जाएगा.

NHAI के मुताबिक, सिर्फ पर्सनल वाहनों को ही फ्री एंट्री की छूट दी जाएगी. ऐसे कॉमर्शियल वाहन जिन पर माल लदा होगा, उन्हें टोल देना पड़ेगा.सरिया, बालू, सीमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान लदे वाहनों से टोल वसूला जाएगा.

महाकुंभ 45 दिनों तक चलेगा और इस दौरान यूपी के 7 टोल प्लाजा पूरी तरह फ्री रहेंगे.इन बूथ पर टोल फ्री एंट्री 13 जनवरी को शुरू होगी और 26 फरवरी तक चलेगी.यानी इन तारीखों के भीतर अगर आप प्रयागराज में एंट्री करते हैं तो किसी भी तरफ से जाएंगे, टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

अनुमान है कि इस बार के महाकुंभ में करीब 40 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं.